रजिस्ट्रेशन) नाबार्ड योजना 2020: डेयरी फार्मिंग योजना ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म

डेयरी लगाने के लिए आप भी नाबार्ड से ले सकते हैं 25% सब्सिडी अगर आप भी मिल्क डेयरी खोलकर अपनी सुविधा के हिसाब से काम करना और पैसे कमाना चाहते हैं तो DEDS आप जैसे लोगों के लिए ही है.

रजिस्ट्रेशन) नाबार्ड योजना 2020: डेयरी फार्मिंग योजना ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म
Nabard dairy yojana

डेयरी लगाने के लिए आप भी नाबार्ड से ले सकते हैं 25% सब्सिडी

देश में दुधारू पशुओं से रोजगार की लगातार बढ़ती संभावनाओं के बीच केंद्र सरकार ने डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) शुरू की है. अगर आप भी मिल्क डेयरी खोलकर अपनी सुविधा के हिसाब से काम करना और पैसे कमाना चाहते हैं तो DEDS आप जैसे लोगों के लिए ही है.

भारत में डेयरी बिजनेस की बढ़ती संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार ने साल 2018-19 में डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) के लिए 323 करोड़ रुपये का बजट रखा है.



इस रकम से सरकार डेयरी खोलने वाले लोगों को 25-33 फीसदी सब्सिडी देती है. अगर आप भी डेयरी बिजनेस की शुरुआत करना चाहते हैं तो सरकार की इस योजना (DEDS) का लाभ उठा सकते हैं.

अगर आप 10 दुधारू पशुओं की डेयरी खोलते हैं तो आपके प्रोजेक्‍ट की लागत करीब 7 लाख रुपये तक आती है. केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही DEDS योजना में आपको लगभग 1.75 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी.

 आइये जान लेते है कितने पशु रख सकते हैं?


केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा यह सब्सिडी राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के माध्‍यम से दी जाती है.


कृषि मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, अगर आप एक छोटी डेयरी खोलना चाहते हैं तो उसमें आपको क्रॉसब्रीड गाय (औसत से अधिक दूध देने वाली) जैसे साहीवाल, रेड सिंधी, गिर, राठी या भैंस रखनी होंगी.

आप इस DEDS योजना के तहत खोली गयी डेयरी में 10 दुधारू पशु रख सकते हैं

 चलिए जानते है DEDS में कितनी सब्सिडी मिलेगी?


डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) के मुताबिक आपको डेयरी लगाने में आने वाले खर्च का 25 फीसदी कैपिटल सब्सिडी मिलेगी. अगर आप अनुसूचित जाति/जनजाति की कैटेगरी में आते हैं तो आपको 33 फीसदी सब्सिडी मिल सकती है.

यह सब्सिडी आपको अधिकतम 10 दुधारू पशुओं के लिए ही दी जाएगी.

एक पशु के लिए केंद्र सरकार 17,750 रुपये की सब्सिडी देती है. अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के लिए यह सब्सिडी 23,300 रुपये प्रति पशु हो जाती है.

इसका मतलब यह है कि एक सामान्य जाति के व्यक्ति को 10 दुधारू पशुओं की डेयरी खोलने पर 1.77 लाख रुपये की सब्सिडी मिल सकती है.

दो पशु से भी शुरू कर सकते हैं DEDS के तहत डेयरी


डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS)के तहत दो दुधारू पशु से भी डेयरी यूनिट शुरू की जा सकती है. अगर आप कम पूंजी से डेयरी कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो यह विकल्प भी मौजूद है.

अगर आप 2 दुधारू पशु वाली डेयरी यूनिट शुरू करते हैं तो आपको 35 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है.

अगर आप एससी/एसटी कैटेगरी में आते हैं तो आपको दो पशु वाली डेयरी पर 46,600 रुपये की सब्सिडी मिल सकती है

 आइये जाने दुग्ध उत्पाद बनाने के लिए उपकरण पर सब्सिडी


डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) के तहत दुग्ध उत्पाद (मिल्‍क प्रोडक्‍ट) बनाने की यूनिट शुरू करने के लिए भी सब्सिडी दी जाती है. DEDS योजना के तहत आप दुग्ध उत्पाद की प्रोसेसिंग के लिए उपकरण खरीद सकते हैं.

अगर आप इस तरह की मशीन खरीदते हैं और उसकी कीमत 13.20 लाख रुपये आती है तो आपको इस पर 25 फीसदी (3.30 लाख रुपये) की कैपिटल सब्सिडी मिल सकती है.

अगर आप एससी/एसटी कैटेगरी से आते हैं तो आपको इसके लिए 4.40 लाख रुपये की सब्सिडी मिल सकती है.


मिल्‍क कोल्‍ड स्‍टोरेज भी बना सकते हैं जान लेते  है 


आप डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) के तहत दूध और दूधे से बने उत्पाद के संरक्षण के लिए कोल्‍ड स्‍टोरेज यूनिट शुरू कर सकते हैं.

इस तरह का कोल्ड स्टोरेज बनाने में अगर आपकी लागत 33 लाख रुपये आती है तो इसके लिए सरकार सामान्‍य वर्ग के आवेदक को 8.25 लाख रुपये और एससी/एसटी वर्ग के लोगों को 11 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है.

 आइये जाने और क्या है (DEDS) योजना में शामिल?


राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की तरफ से डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS) के तहत पशु खरीदने, बछड़ा पालन, वर्मी कंपोस्ट, डेयरी पार्लर, दुग्ध शीतलन व अन्य कार्यों के लिए लघु व सीमांत किसानों सहित समूहों को प्राथमिकता दी जाती है.

डेयरी फार्मिंग योजना 2020

इस योजना को सही ढंग से चलाना के लिए पशुपालन के अलावा मत्स्य पालन विभाग की सहायता  ली जाएगी । डेयरी फार्मिंग योजना 2020 के तहत ग्रामीण क्षेत्रो के बेरोजगार लोगो को स्वरोजगार उपलब्ध कराया जायेगा(Self-employment will be made available to unemployed people of rural areas ) तथा लोग आसानी से अपना व्यापार चला सकें और हमारे देश में रोजगार के अवसर बढ़ सकें ।इस योजना के अंतर्गत देश में दूध के उत्पादन के लिए डेयरी फार्म की स्थापना को बढ़ावा दिया जायेगा । दूध उत्पादन से लेकर गाय या भैंसों की देखरेख, गायों की रक्षा के लिए, घी निर्माण आदि सब कुछ मशीन-आधारित होगा। देश के जो इच्छुक लाभार्थी इस नाबार्ड योजना 2020 का लाभ उठाना चाहते है तो उन्हें इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना  होगा ।

नाबार्ड योजना 2020 का उद्देश्य क्या है आइये जान लेते है 

जैसे की आप लोग जानते है कि देश के ग्रामीण क्षेत्र  में रहने वाले कई लोग डेयरी फार्मिंग के जरिए आजीविका चलाते हैं। डेयरी फार्मिंग काफी अव्यवस्थित है, जिस कारण लोगों को ज्यादा मुनाफा नहीं हो पाता। नाबार्ड योजना 2020 के तहत डेरी के उद्योग को व्यवस्थित किया जाएगा और उसे सुचारू ढंग से चलाया जाएगा । इस योजना के ज़रिये स्व-रोजगार पैदा करना और डेयरी क्षेत्र के लिए सुविधाएं उपलब्ध करना । डेयरी फार्मिंग योजना का मुख्य उद्देश्य है लोगों को बिना ब्याज के लोन देना ताकि वह अपना व्यवसाय आसानी से चला सकें जिसका मुख्य उदेश्य दूध के उत्पादन को बढ़ावा देना है ताकि हमारे देश से बेरोजगारी खत्म हो सके ।  सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है।

नाबार्ड डेयरी योजना 2020 बैंक सब्सिडी आइये  देखे 

  • डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत दुग्ध उत्पाद (मिल्‍क प्रोडक्‍ट) बनाने की यूनिट शुरू करने के लिए भी सब्सिडी दी जाती है।
  • नाबार्ड डेयरी योजना 2020 के तहत आप दुग्ध उत्पाद की प्रोसेसिंग के लिए उपकरण खरीद सकते हैं।
  • अगर आप इस तरह की मशीन खरीदते हैं और उसकी कीमत 13.20 लाख रुपये आती है तो आपको इस पर 25 फीसदी (3.30 लाख रुपये) की कैपिटल सब्सिडी मिल सकती है।
  • अगर आप एससी/एसटी कैटेगरी से आते हैं तो आपको इसके लिए 4.40 लाख रुपये की सब्सिडी मिल सकती है।
  •  नाबार्ड के डीडीएम ने कहा कि इस योजना में, ऋण राशि बैंक द्वारा अनुमोदित की जाएगी और 25% लाभार्थी द्वारा जाएगी। इस योजना से लाभ प्राप्त करने में रुचि रखने वाले व्यक्ति सीधे बैंक से संपर्क करेंगे ।
  • यदि आप पांच गायों के तहत डेयरी शुरू करना चाहते हैं तो, आपको उनकी लागत का सबूत देना होगा। जिसके अंतर्गत सरकार 50% सब्सिडी प्रदान करेगी। किसानों को 50% अलग-अलग किस्तों में बैंक को भुगतान करना होगा।

Nabard Dairy Yojana 2020 फार्मिंग योजना क्या है 

पहली योजना – लाल सिन्धी, साहिवाल, राठी, गिर इत्यादि जैसी देसी दूध देने वाली गायें/ हाइब्रिड गायें/ 10 दुधारू पशुओं जेसे के भैंसों के लिए छोटे डेयरी यूनिट की स्थापना  करना

 निवेश – कम से कम 2 पशुओं से लेकर अधिकतम 10 वर्षों तक की डेयरी खोलने के लिए – 10 जानवरों की डेयरी के लिए ₹5,00,000/-

मिलने वाली सब्सिडी – 10 पशु डेयरी पर  25% (एससी / एसटी किसानों के लिए रूपरेखा 33.33%), पूँजी सब्सिडी सीमा, 1.25 लाख रुपये (अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति से संबंधित किसानों हेतु 1.67 लाख रुपये)। अधिकतम अनुमति पूँजी सब्सिडी 2 पशु इकाई के लिए 25000 रुपये है (अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति किसानों के लिए 33,300 रुपये)। सब्सिडी आकार के आधार पर प्रो-रेटा आधार पर प्रतिबंधित होगा।

दूसरी योजना – बछिया बछड़ों के पालन – 20 बछड़ों के लिए ऊपर – पार नस्ल, स्वदेशी मवेशियों और वर्गीकृत भैंसों दुधारू नस्लों का विवरण

निवेश – 20 बछड़ों इकाइयों के लिए 80 लाख – 5 बछड़ों के न्यूनतम इकाई आकार और 20 बछड़ों की अधिकतम सीमा के साथ ।

मिलने वाली सब्सिडी – 20 बछड़ों तक की यूनिट खोलने के लिए 25% तक की सब्सिडी दी जाएगी | यह सब्सिडी ₹1,25,000/- तक की पूंजी पर दी जाएगी| वही SC/ST कैटेगरी के लोगों को ₹1,60,000/- तक की पूंजी मिल जाएगी| कैटेगरी के लोगों को सब्सिडी में 33.33% तक मिल जाएंगे| राशि के हिसाब से अधिकतम ₹30,000/- की सब्सिडी, 5 बछड़े की यूनिट खोलने पर दी जाएगी| वही कैटेगरी के लोगों के लिए यह सब्सिडी राशि ₹40,000/- तय की गई है|

तीसरी योजना – वर्मीकंपोस्ट और खाद (दुग्ध पशुओं के साथ इकाई के साथ नहीं जोड़ा जायेगा।

निवेश – 20,000 रुपये तक (बीस हजार रुपए)

दी जाने वाली सब्सिडी – इस योजना के अंतर्गत अगर कोई व्यक्ति  4.50 लाख रुपए का निवेश करता है तो उसे 25% तक की सब्सिडी मिल जाएगी। वही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आवेदक को 6 लाख रुपए तक की पूंजी पर 33.33% की सब्सिडी मिल जाएगी ।

चौथी योजना – दूध परीक्षकों/ दूध निकालने की मशीनों पर खरीद/ अधिक मात्रा में दूध होने पर उसे ठंडा रखने के लिए फ्रिज (जिसकी क्षमता 2000 लीटर तक हो)।

निवेश – इसमें व्यक्ति को 18 लाख रुपए तक का निवेश करना होगा ।

दी जाने वाली धनराशि – 4.50 लाख रुपये (अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति किसानों के लिए 6.00 लाख रुपये) की पूँजी सब्सिडी के तहत व्यय का 25% (अनुसूचित जातियों / अनुसूचित जनजाति किसानों के लिए 33.33%)।

पांचवी योजना – स्वदेशी दूध उत्पादों का उत्पादन करने के लिए डेयरी प्रसंस्करण के उपकरण की खरीद ।

निवेश – इस परियोजना के लिए, आपको न्यूनतम 12  लाख रुपये का निवेश करना होगा।

दी जाने वाली धनराशि – इस योजना के अंतर्गत व्यक्ति को ₹3,00,000/- तक की पूंजी लोन के तहत दी जाएगी | जिस पर उसे 25% की सब्सिडी मिलेगी| वही अगर व्यक्ति अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंध रखता है, तो उसे ₹4,00,000/- तक की पूंजी मिल जाएगी| जिस पर उसे 33.33% की सब्सिडी मिलेगी|

छठी योजना – डेयरी उत्पाद परिवहन सुविधाएँ और शीत श्रृंखला स्थापना

निवेश – इस योजना को शुरू करने के लिए देश के लोगो को न्यूनतम राशि 24 लाख रुपये की आवश्यकता होगी

मिलने वाली सब्सिडी – परियोजना में निवेश करने के लिए सरकार द्वारा अधिकतम ₹7,50,000/- तक का लोन दिलाया जाएगा| इस लोन पर व्यक्ति को 25% की सब्सिडी मिलेगी| SC/ST जाति से संबंध रखने वाले व्यक्तियों को 10 लाख रुपए तक का लोन मिल जाएगा| जिस पर उन्हें 33.33% की सब्सिडी भी मिलेगी|

सातवीं योजना – दूध और दुग्ध उत्पादों के लिए शीत भंडारण सुविधा।

निवेश –इस योजना के अंतर्गत देश के ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को कम से कम 30 लाख रुपये निवेश करना होगा।

मिलने वाली सब्सिडी – इस योजना के तहत  चिकित्सालय खोलने पर किसी भी व्यक्ति को कुल खर्च का 25% हिस्सा संस्कार द्वारा दिया जाएगा| वही मोबाइल होने पर सरकार द्वारा ₹45,000/- की सब्सिडी, और स्थिर होने पर ₹60,000/- तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी | अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को कुल खर्च का 33.33% हिस्सा सरकार द्वारा दिया जाएगा| चिकित्सालय मोबाइल होने की स्थिति में उन्हें अधिकतम ₹80,000/-, एवं स्थिर होने की स्थिति में होने ₹60,000/- तक की सब्सिडी राशि मिलेगी|

आठवीं योजना -निजी पशु चिकित्सा क्लिनिक की स्थापना

निवेश: आपको मोबाइल क्लिनिक के लिए 2.40 लाख रुपये और स्थिर क्लिनिक के लिए 1.80 लाख रुपये का निवेश करना होगा।

मिलने वाली धनराशि – व्यय का 25% (अनुसूचित जातियों / अनुसूचित जनजाति किसानों के लिए 33.33%)। 45,000 / – और 60,000 / – रुपये की पूंजी सब्सिडी (अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति किसानों के लिए 80,000 / – रुपये और 60,000 / -) मोबाइल और स्थिर क्लीनिक के लिए।

नवी योजना – डेयरी मार्केटिंग आउटलेट / डेयरी पार्लर

निवेश – इस योजना के लिए आपको 56 हजार रुपये की निवेश राशि की आवश्यकता है।

नाबार्ड सब्सिडी: इस योजना के अंतर्गत पूँजी सब्सिडी विषय व्यय के लिए 25% या 14,000 रुपये (एससी / एसटी किसानों के लिए 33.33%) की सीमा के रूप में समाप्त होता है – (अनुसूचित जातियों / अनुसूचित जनजातियों के लिए 18600 रुपये)।

नाबार्ड डेरी सब्सिडी योजना की पात्रता क्या है 

  • इस योजना के अंतर्गत किसान, व्यक्तिगत उद्यमी, गैर-सरकारी संगठन, कंपनियां, असंगठित और संगठित क्षेत्र समूह आदि।
  • इस योजना के तहत एक व्यक्ति एक बार ही लाभ उठा सकता है ।
  • इस योजना के तहत, एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्यों को सहायता प्रदान की जा सकती है और इसके लिए, उन्हें अलग-अलग जगहों पर विभिन्न आधारभूत संरचनाओं के साथ अलग-अलग इकाइयों की स्थापना हेतु मदद दी जाती है। इस तरह की दो परियोजनाओं के बीच की दूरी कम से कम 500 मीटर होनी चाहिए।
  • एक व्यक्ति इस योजना के तहत सभी घटकों के लिए सहायता प्राप्त कर सकता है, लेकिन प्रत्येक घटक के लिए केवल एक बार योग्य होगा।

नाबार्ड योजना 2020 ऑनलाइन आवेदन कैसे करे? चलिए ये भी जान लेते है 

  • सर्वप्रथम  आवेदक को National Bank For Agriculture And Rural Development Nabard  की ऑफिसियल  वेबसाइट पर जाना होगा ।ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा ।

नाबार्ड योजना

  • इस होम पेज पर आपको Information Centre (सूचना केंद्र ) का ऑप्शन दिखाई देगा ।आपको इस ऑप्शन पर क्लिक करना होगा ।ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने कंप्यूटर स्क्रीन पर अगला पेज खुल जायेगा ।

नाबार्ड योजना

  • इस पेज पर आपको अपनी योजना के आधार पर डाउनलोड pdf के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा ।ऐसा करने से आपके सामने योजना का पूरा फॉर्म खुल जाएगा| आपको यह फॉर्म को भर कर सबमिट कर देना है|

नाबार्ड योजना 2020 ऑफलाइन अप्लाई 

देश के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत ऑफलाइन आवेदन करना चाहते है तो उन्हें निचे दिए गए तरीके को फॉलो करना होगा ।

  • आवेदन करने के लिए सबसे पहले, आपका यह तय करना आवश्यक है कि आप किस प्रकार का डेयरी फॉर्म खोलना चाहते हैं।
  • यदि आप नाबार्ड योजना के तहत डेयरी फार्म की शुरुआत करना चाहते हैं, तो इसके लिए, आपको जिले के नाबार्ड ऑफिस में जाना होगा।
  • यदि आप छोटा डेयरी फॉर्म खोलना चाहते हैं तो, आप अपने नजदीकी बैंक में जाकर भी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
  • बैंक में जाने के बाद आपको सब्सिडी फॉर्म को भर कर उसमें अप्लाई करना होगा।